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Bhakti Rass भक्ति रस

कुछ दिल से प्रभु सिमरन...

मेरे दिल में बसे हो तुम, प्रिये सखा सुदामा

मेरे दिल में बसे हो तुम, प्रिये सखा सुदामा मेरे दिल में बसे हो तुम, प्रिये सखा सुदामा कैसे भूलूँ  वो बचपन, प्रिये सखा सुदामा मेरे दिल में बसे हो तुम, प्रिये सखा सुदामा मेरे दिल में बसे हो तुम, थामो हाथ मित्रवन मेरे दिल में बसे हो तुम, थामो हाथ मित्रवन कैसे भूलूँ  वो बचपन, थामो हाथ मित्रवन मेरे दिल में बसे हो तुम, थामो हाथ मित्रवन बेगाने बन कैसे खड़े हो, बेगाने बन कैसे खड़े हो मुझसे भई क्या भूल ओ मितवन, मुझसे भई क्या भूल ओ मितवन आओ कर दूँ मैं..... आओ कर दूँ मैं सम जीवन, थामो हाथ मित्रवन मेरे दिल में बसे हो तुम, थामो हाथ मित्रवन कैसे भूलूँ  वो बचपन, थामो हाथ मित्रवन कृष्ण सुदामा को याद करेंगे, कृष्ण सुदामा को याद करेंगे ये बंधन है कितना पावन, ये बंधन है कितना पावन मोरे मन से मिला लो तोरा मन थामो हाथ मित्रवन मेरे दिल में बसे हो तुम, थामो हाथ मित्रवन कैसे भूलूँ  वो बचपन, थामो हाथ मित्रवन आओ छत्र से छाया कर दूँ , आओ छत्र से छाया कर दूँ हाथों पे मेरे पाँव धरो तुम , हाथों पे मेरे पाँव धरो तुम मेरे दिल का होगा बोझ कम, थामो हाथ मित्रवन मेरे दिल में बसे...